Published on Jul 10, 2026
रांची: झारखंड की ग्रामीण महिला किसानों के लिए संचालित SETU (Scaling & Enabling for Trade Upliftment) योजना राज्य में कृषि उत्पादों की बिक्री का तरीका बदल रही है। अब गांवों की किसान दीदियां केवल स्थानीय हाट-बाजार तक सीमित नहीं हैं, बल्कि डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से अपने उत्पाद बड़े बाजारों तक पहुंचा रही हैं। इससे उन्हें बेहतर कीमत मिलने के साथ-साथ समय पर भुगतान भी सुनिश्चित हो रहा है।
राज्य सरकार और झारखंड स्टेट लाइवलीहुड प्रमोशन सोसाइटी (JSLPS) की पहल से बड़ी संख्या में स्वयं सहायता समूहों और महिला किसानों को आधुनिक बाजार से जोड़ने का काम किया जा रहा है।
SETU पहल के तहत महिला किसानों को विभिन्न ऑनलाइन प्लेटफॉर्म और डिजिटल मार्केट नेटवर्क से जोड़ा गया है। अब वे सब्जियां, फल, अंडे, मसाले, शहद और अन्य कृषि उत्पाद सीधे डिजिटल माध्यम से बेच रही हैं।
इस व्यवस्था से किसानों की बाजार तक पहुंच पहले की तुलना में काफी आसान हो गई है और बिचौलियों पर निर्भरता भी कम हुई है।
योजना का एक बड़ा फायदा यह है कि किसानों को अपने उत्पादों का भुगतान समय पर प्राप्त हो रहा है। कई डिजिटल बिक्री नेटवर्क निर्धारित समय पर प्रत्येक सप्ताह किसानों के बैंक खाते में राशि ट्रांसफर कर रहे हैं, जिससे उनकी आय नियमित बनी हुई है।
समय पर भुगतान मिलने से महिला किसानों का विश्वास भी डिजिटल मार्केटिंग व्यवस्था पर बढ़ा है।
SETU योजना के अंतर्गत किसानों को केवल बाजार उपलब्ध नहीं कराया जा रहा, बल्कि उन्हें आधुनिक खेती, उत्पादों की ग्रेडिंग, पैकेजिंग, गुणवत्ता नियंत्रण और ग्राहकों की मांग के अनुसार उत्पाद तैयार करने का प्रशिक्षण भी दिया जा रहा है।
इस प्रशिक्षण का लाभ यह हुआ है कि अब ग्रामीण क्षेत्रों में तैयार होने वाले उत्पाद आधुनिक बाजार के मानकों के अनुरूप तैयार किए जा रहे हैं।
पहले अधिकांश महिला किसान अपने उत्पाद केवल गांव या आसपास के बाजारों में बेच पाती थीं। लेकिन SETU पहल के बाद अब उनके उत्पाद विभिन्न डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से राज्य के बाहर भी पहुंच रहे हैं।
इससे किसानों को बेहतर बाजार मिलने के साथ-साथ उनकी आय बढ़ाने के नए अवसर भी उपलब्ध हो रहे हैं।
डिजिटल नेटवर्क से जुड़े किसान अब विभिन्न प्रकार के उत्पाद ऑनलाइन उपलब्ध करा रहे हैं। इनमें प्रमुख रूप से—
शामिल हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि ग्रामीण क्षेत्रों में उत्पादन की कमी नहीं होती, लेकिन उचित बाजार की उपलब्धता हमेशा एक बड़ी चुनौती रही है। SETU योजना इस समस्या को काफी हद तक दूर कर रही है।
डिजिटल प्लेटफॉर्म से जुड़ने के बाद महिला किसान अब अपने उत्पादों की बेहतर कीमत प्राप्त कर रही हैं और उन्हें नियमित खरीदार भी मिल रहे हैं।
SETU योजना के माध्यम से महिला स्वयं सहायता समूह, किसान उत्पादक संगठन (FPO) और ग्रामीण उद्यमियों को बाजार से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है। इससे न केवल किसानों की आय में वृद्धि हो रही है, बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिल रही है।
राज्य में डिजिटल कृषि विपणन को बढ़ावा देने की दिशा में इस पहल को एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
इस पहल के माध्यम से झारखंड की ग्रामीण महिला किसान अब पारंपरिक बाजारों से आगे बढ़कर डिजिटल कृषि व्यापार की दिशा में तेजी से कदम बढ़ा रही हैं, जिससे उनकी आय और आर्थिक सशक्तिकरण दोनों में सकारात्मक बदलाव देखने को मिल रहा है।