अबुआ आवास योजना पर फंड संकट: झारखंड में 1.15 लाख से अधिक मकानों का निर्माण रुका, सरकार को चाहिए ₹994 करोड़

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Abua Awas Yojana Jharkhand 2026 fund shortage affecting more than 1 lakh houses Published on Jun 26, 2026

अबुआ आवास योजना पर फंड संकट: झारखंड में 1.15 लाख से अधिक मकानों का निर्माण रुका, सरकार को चाहिए ₹994 करोड़

रांची: झारखंड सरकार की महत्वाकांक्षी अबुआ आवास योजना इस समय वित्तीय संकट का सामना कर रही है। राज्यभर में बड़ी संख्या में ऐसे लाभार्थी हैं जिन्होंने अपने घर का निर्माण शुरू तो कर दिया, लेकिन अगली किस्त का भुगतान नहीं मिलने के कारण निर्माण कार्य अधूरा रह गया है।

योजना के उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार राज्य के 24 जिलों में 1,15,063 आवासों का निर्माण कार्य फिलहाल रुका हुआ है। इन सभी लंबित मामलों का भुगतान करने के लिए सरकार को लगभग ₹994 करोड़ की अतिरिक्त राशि की आवश्यकता बताई जा रही है।

दूसरी और तीसरी किस्त नहीं मिलने से रुका निर्माण

अबुआ आवास योजना के तहत कई लाभार्थियों ने अपने मकान का प्लिंथ लेवल तथा सेकेंड लेवल तक निर्माण पूरा कर लिया है। लेकिन निर्धारित समय पर दूसरी और तीसरी किस्त जारी नहीं होने के कारण आगे का निर्माण कार्य ठप पड़ गया है।

इस स्थिति में कई परिवार अधूरे मकानों में रहने को मजबूर हैं, जबकि कुछ लाभार्थियों ने निर्माण पूरा करने के लिए निजी स्रोतों से ऋण भी लिया है।

दो वित्तीय वर्षों के लाभार्थी प्रभावित

फंड की कमी का असर दो अलग-अलग वित्तीय वर्षों के लाभार्थियों पर पड़ा है।

  • वित्तीय वर्ष 2023-24: 14,083 लाभार्थी

  • वित्तीय वर्ष 2024-25: 1,00,980 लाभार्थी

इन दोनों वर्षों के कुल 1,15,063 लाभार्थियों को किस्त का भुगतान लंबित है।

सबसे अधिक बकाया पलामू जिले में

जिलावार आंकड़ों के अनुसार सबसे अधिक लंबित राशि पलामू जिले में है।

मुख्य जिले इस प्रकार हैं:

जिला लंबित राशि
पलामू ₹86.57 करोड़
जामताड़ा ₹79.18 करोड़
पूर्वी सिंहभूम ₹67.97 करोड़
गिरिडीह ₹66.62 करोड़
चतरा ₹63.61 करोड़
रांची ₹58.58 करोड़
देवघर ₹57.04 करोड़
दुमका ₹52.35 करोड़
गोड्डा ₹51.87 करोड़
सरायकेला-खरसावां ₹49.40 करोड़
बोकारो ₹49.08 करोड़

इसके अलावा पश्चिमी सिंहभूम, गढ़वा, साहेबगंज, लातेहार, धनबाद, सिमडेगा, हजारीबाग, रामगढ़, लोहरदगा, गुमला, पाकुड़, कोडरमा और खूंटी जिलों में भी बड़ी राशि लंबित है।

सरकार के सामने बड़ी चुनौती

अबुआ आवास योजना राज्य सरकार की प्रमुख आवास योजनाओं में शामिल है। इसका उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को पक्का आवास उपलब्ध कराना है।

लेकिन समय पर किस्त जारी नहीं होने से हजारों परिवारों का सपना अधूरा रह गया है। जिला स्तर से लंबित राशि जारी करने के लिए संबंधित विभागों द्वारा राज्य सरकार को प्रस्ताव भी भेजे गए हैं।

लाभार्थियों को क्या करना चाहिए?

यदि आपने अबुआ आवास योजना के तहत आवेदन किया है और पहली किस्त प्राप्त करने के बाद अगली किस्त का इंतजार कर रहे हैं, तो समय-समय पर योजना की स्थिति की जानकारी लेते रहें।

आप निम्न माध्यमों से जानकारी प्राप्त कर सकते हैं:

  • संबंधित प्रखंड कार्यालय

  • जिला ग्रामीण विकास कार्यालय

  • पंचायत सचिव

  • योजना से संबंधित आधिकारिक पोर्टल (यदि उपलब्ध हो)

योजना से जुड़े मुख्य तथ्य

  • राज्य के 24 जिले प्रभावित

  • 1,15,063 आवास निर्माण कार्य लंबित

  • लगभग ₹994 करोड़ की अतिरिक्त आवश्यकता

  • दूसरी और तीसरी किस्त का भुगतान रुका

  • कई लाभार्थियों का मकान निर्माण अधूरा

अबुआ आवास योजना झारखंड सरकार की महत्वपूर्ण जनकल्याणकारी योजना है, लेकिन वर्तमान में फंड की कमी के कारण हजारों लाभार्थियों का घर निर्माण अधूरा पड़ा है। यदि जल्द अतिरिक्त राशि जारी की जाती है तो निर्माण कार्य दोबारा गति पकड़ सकता है और लाभार्थियों को समय पर उनका पक्का घर मिल सकेगा।

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