Published on Aug 16, 2026
रांची: झारखंड के तकनीकी शिक्षा प्राप्त कर रहे छात्रों के लिए बड़ी खुशखबरी है। झारखंड प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (JTU), रांची और North South Foundation, Hyderabad के बीच एक महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए गए हैं। इस समझौते का उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर लेकिन मेधावी विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति, कौशल विकास, मेंटरशिप और करियर मार्गदर्शन उपलब्ध कराना है।
नई व्यवस्था के तहत राज्य के राजकीय अभियंत्रण (Engineering) और राजकीय पॉलिटेक्निक संस्थानों में अध्ययनरत पात्र विद्यार्थियों को आर्थिक सहायता दी जाएगी, जिससे वे अपनी पढ़ाई बिना किसी वित्तीय बाधा के जारी रख सकें।
झारखंड प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय और नॉर्थ साउथ फाउंडेशन के बीच हुए इस समझौते के माध्यम से छात्रों को केवल आर्थिक सहायता ही नहीं मिलेगी, बल्कि उन्हें करियर निर्माण, उच्च शिक्षा की तैयारी और रोजगार उन्मुख मार्गदर्शन भी उपलब्ध कराया जाएगा।
विश्वविद्यालय प्रशासन का मानना है कि यह पहल तकनीकी शिक्षा प्राप्त कर रहे प्रतिभाशाली छात्रों को आगे बढ़ने का बेहतर अवसर प्रदान करेगी।
एमओयू के तहत पात्र विद्यार्थियों को निम्नलिखित राशि प्रदान की जाएगी:
| पाठ्यक्रम | छात्रवृत्ति राशि |
|---|---|
| बीटेक (B.Tech) | ₹25,000 प्रति वर्ष |
| डिप्लोमा (Polytechnic) | ₹15,000 प्रति वर्ष |
यह राशि सीधे पात्र विद्यार्थियों की शिक्षा में सहयोग के लिए प्रदान की जाएगी।
बीटेक कोर्स में अध्ययनरत विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति प्राप्त करने के लिए निम्न शर्तें पूरी करनी होंगी:
डिप्लोमा कोर्स के छात्रों के लिए पात्रता शर्तें इस प्रकार हैं:
विश्वविद्यालय द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार छात्रवृत्ति केवल एक वर्ष तक सीमित नहीं रहेगी। यदि विद्यार्थी अगले शैक्षणिक सत्र में भी अपनी पढ़ाई जारी रखता है और किसी विषय में अनुत्तीर्ण नहीं होता है, तो उसे आगामी वर्ष में भी छात्रवृत्ति का लाभ दिया जा सकता है।
इससे विद्यार्थियों को लंबे समय तक आर्थिक सहायता मिलने का मार्ग प्रशस्त होगा।
यह योजना केवल विश्वविद्यालय परिसर तक सीमित नहीं रहेगी। झारखंड प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय से संबद्ध विभिन्न अभियंत्रण एवं पॉलिटेक्निक संस्थानों के पात्र विद्यार्थी भी इस छात्रवृत्ति योजना का लाभ प्राप्त कर सकेंगे।
इस पहल का एक महत्वपूर्ण उद्देश्य विद्यार्थियों को केवल वित्तीय सहायता देना नहीं बल्कि उन्हें भविष्य के रोजगार और प्रतिस्पर्धी माहौल के लिए तैयार करना भी है।
इसके अंतर्गत विद्यार्थियों को:
जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई जा सकती हैं।
झारखंड के कई मेधावी छात्र आर्थिक संसाधनों की कमी के कारण तकनीकी शिक्षा के दौरान कठिनाइयों का सामना करते हैं। ऐसे में यह छात्रवृत्ति योजना न केवल आर्थिक सहायता प्रदान करेगी बल्कि उन्हें अपने करियर को बेहतर दिशा देने में भी मदद करेगी।
विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह की पहल राज्य में तकनीकी शिक्षा की गुणवत्ता और विद्यार्थियों की रोजगार क्षमता बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
झारखंड प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय और North South Foundation के बीच हुआ यह समझौता राज्य के हजारों तकनीकी छात्रों के लिए एक सकारात्मक कदम माना जा रहा है। बीटेक विद्यार्थियों को ₹25,000 और डिप्लोमा छात्रों को ₹15,000 की छात्रवृत्ति मिलने से आर्थिक रूप से कमजोर लेकिन प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को अपनी पढ़ाई जारी रखने में बड़ी मदद मिलेगी। साथ ही मेंटरशिप और करियर मार्गदर्शन जैसी सुविधाएं उनके भविष्य को मजबूत बनाने में सहायक होंगी।