Published on Oct 19, 2026
चतरा: झारखंड के सरकारी स्कूलों में आधारभूत सुविधाओं को बेहतर करने, भवनों की मरम्मत और जरूरी रखरखाव के लिए अब तीन साल की विकास योजना तैयार की जाएगी। यह योजना वित्तीय वर्ष 2027-28 से अगले तीन वर्षों को ध्यान में रखकर बनाई जाएगी। इसके तहत प्रत्येक स्कूल की जरूरतों को चिन्हित कर विकास कार्यों की प्राथमिकता तय की जाएगी।
झारखंड शिक्षा परियोजना परिषद के परियोजना निदेशक शशि रंजन ने 25 सितंबर 2026 को राज्य के सभी जिलों के संबंधित शिक्षा अधिकारियों को इस संबंध में निर्देश जारी किया है। स्कूल स्तर पर विकास योजना तैयार करने की जिम्मेदारी विद्यालय प्रबंधन समिति (SMC) को दी गई है।
नई व्यवस्था के तहत विद्यालय प्रबंधन समिति अपने स्कूल की आधारभूत सुविधाओं और मरम्मत से जुड़ी जरूरतों का आकलन करेगी। इसके आधार पर अगले तीन वर्षों में किए जाने वाले आवश्यक कार्यों को विकास योजना में शामिल किया जाएगा।
इसमें स्कूल भवन की मरम्मत, रखरखाव और अन्य जरूरी आधारभूत सुविधाओं से संबंधित कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर रखा जाएगा। इस प्रक्रिया का उद्देश्य स्कूलों की वास्तविक जरूरतों के अनुसार विकास कार्यों की योजना तैयार करना है।
विद्यालय विकास योजना को ग्राम पंचायत विकास योजना में भी शामिल कराने का निर्देश दिया गया है। इसके लिए शिक्षा विभाग के अधिकारियों को पंचायती राज विभाग के साथ समन्वय करने को कहा गया है।
इस व्यवस्था के तहत स्कूलों में आवश्यक विकास कार्यों को पंचायत स्तर पर तैयार होने वाली विकास योजनाओं से भी जोड़ा जा सकेगा। इससे विद्यालयों की जरूरतों के अनुसार उपलब्ध संसाधनों का उपयोग करने की दिशा में काम किया जाएगा।
निर्देश में सरकारी स्कूलों की आधारभूत संरचना के रखरखाव और मरम्मत के लिए 14वें एवं 15वें वित्त आयोग की राशि के उपयोग का भी उल्लेख किया गया है। स्कूल की जरूरतों के अनुसार संबंधित विकास कार्यों को योजना में शामिल किया जाएगा।
विद्यालय विकास योजना तैयार करने और उसके समेकन के लिए चार अलग-अलग स्तर निर्धारित किए गए हैं। तय कार्यक्रम के अनुसार 1 से 10 अक्टूबर 2026 तक विद्यालय स्तर, 11 से 17 अक्टूबर तक संकुल स्तर, 21 से 26 अक्टूबर तक प्रखंड स्तर और 27 से 31 अक्टूबर 2026 तक जिला स्तर पर प्रक्रिया पूरी की जानी है।
संकुल, प्रखंड और जिला स्तर पर संबंधित जानकारी निर्धारित लिंक के माध्यम से दर्ज की जाएगी। अधिकारियों को निर्धारित समयसीमा के भीतर सभी आवश्यक प्रविष्टियां पूरी करने का निर्देश दिया गया है।
जिला शिक्षा अधीक्षक सह झारखंड शिक्षा परियोजना के अपर जिला कार्यक्रम पदाधिकारी रामजी प्रसाद ने बताया कि कार्ययोजना तैयार करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
तीन वर्षीय विकास योजना तैयार होने के बाद वित्तीय वर्ष 2027-28 से सरकारी स्कूलों की आधारभूत संरचना, मरम्मत और रखरखाव से जुड़े कार्यों को प्राथमिकता के अनुसार आगे बढ़ाने की योजना है।