Published on Oct 25, 2026
रांची: झारखंड के सरकारी स्कूलों के विद्यार्थियों और शिक्षकों के लिए राज्य सरकार एक नई पहल शुरू करने की तैयारी में है। ‘उड़ान’ (Unified Development Through Academic Advancement and National Exposure) योजना के तहत विद्यार्थियों के साथ शिक्षकों को भी शैक्षणिक भ्रमण का अवसर दिया जाएगा। योजना को पांच वर्षों के लिए तैयार किया गया है और विभागीय मंत्री के रूप में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। हालांकि, इसे लागू करने से पहले योजना प्राधिकृत समिति और कैबिनेट की स्वीकृति की प्रक्रिया अभी बाकी है।
इस योजना का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों को कक्षा की पढ़ाई से बाहर वास्तविक शैक्षणिक अनुभव उपलब्ध कराना और शिक्षकों को बेहतर शिक्षण पद्धतियों, शैक्षिक तकनीक तथा विभिन्न संस्थागत मॉडलों को करीब से समझने का अवसर देना है।
‘उड़ान’ योजना को स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग ने पांच साल की अवधि को ध्यान में रखकर तैयार किया है। इसके अंतर्गत अलग-अलग कक्षाओं के विद्यार्थियों को उनके स्तर के अनुसार जिला, अंतर-जिला और अंतरराज्यीय शैक्षणिक भ्रमण पर ले जाने का प्रस्ताव है।
वहीं शिक्षकों के लिए अंतरराज्यीय शैक्षणिक भ्रमण का प्रावधान रखा गया है। भ्रमण से वापस आने के बाद विद्यार्थी और शिक्षक अपने अनुभवों को दूसरे विद्यार्थियों एवं शिक्षकों के साथ साझा करेंगे।
प्रस्तावित योजना के अनुसार प्रत्येक वर्ष 1,680 विद्यार्थियों को शैक्षणिक भ्रमण कराया जाएगा। कक्षा के आधार पर विद्यार्थियों को अलग-अलग स्तर के भ्रमण में शामिल किया जाएगा।
| कक्षा | शैक्षणिक भ्रमण |
|---|---|
| कक्षा 1 से 5 | जिला स्तर |
| कक्षा 6 से 8 | अंतर-जिला |
| कक्षा 9 से 12 | अंतरराज्यीय |
पांच वर्षों में कुल 8,400 विद्यार्थियों को इस योजना के माध्यम से शैक्षणिक भ्रमण कराने का लक्ष्य रखा गया है।
उड़ान योजना की खास बात यह है कि इसमें केवल विद्यार्थियों को ही नहीं, बल्कि शिक्षकों को भी शामिल किया गया है। प्रस्ताव के अनुसार हर साल 2,244 शिक्षक इस योजना से जुड़े होंगे।
शिक्षकों को अंतरराज्यीय शैक्षणिक भ्रमण पर ले जाने का उद्देश्य उन्हें देश के अन्य हिस्सों में अपनाई जा रही बेहतर शिक्षण पद्धतियों, शैक्षिक तकनीक और संस्थागत व्यवस्थाओं का प्रत्यक्ष अनुभव देना है।
पांच वर्षों में 11,220 शिक्षकों को शैक्षणिक भ्रमण कराने का लक्ष्य बताया गया है।
‘उड़ान’ योजना को पांच वर्षों के लिए तैयार किया गया है। इस अवधि में 8,400 विद्यार्थियों और 11,220 शिक्षकों को शैक्षणिक भ्रमण का लाभ देने का लक्ष्य है।
इस पूरी योजना पर लगभग 14.91 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान बताया गया है।
योजना में विद्यार्थियों के चयन के लिए कुछ निर्धारित शैक्षणिक और सहभागिता संबंधी मानकों को आधार बनाया जाएगा। इनमें मुख्य रूप से:
इन मानकों के आधार पर तकनीकी प्रक्रिया के माध्यम से विद्यार्थियों का चयन प्रस्तावित है।
शिक्षकों के चयन में भी अलग-अलग मानकों को शामिल किया गया है। इनमें:
जैसे बिंदुओं को देखा जाएगा।
योजना में विद्यार्थियों के चयन के दौरान सभी जिलों, जेंडर और विभिन्न श्रेणियों का प्रतिनिधित्व सुनिश्चित करने का प्रस्ताव है। इसके साथ ही कम से कम 50 प्रतिशत छात्राओं की भागीदारी रखने की बात कही गई है।
इससे शैक्षणिक भ्रमण में छात्राओं की पर्याप्त भागीदारी सुनिश्चित करने पर जोर दिया जाएगा।
प्रस्ताव में वार्षिक भागीदारी का विवरण इस प्रकार दिया गया है:
| श्रेणी | संख्या |
|---|---|
| कक्षा 1 से 5 के विद्यार्थी | 960 |
| कक्षा 6 से 8 के विद्यार्थी | 360 |
| कक्षा 9 से 12 के विद्यार्थी | 360 |
| शिक्षक | 360 |
| एस्कॉर्ट शिक्षक | 168 |
| समूह पर्यवेक्षक | 36 |
इस प्रकार विद्यार्थियों के साथ भ्रमण की व्यवस्था में एस्कॉर्ट शिक्षक और समूह पर्यवेक्षकों की भूमिका भी रखी गई है।
उड़ान योजना को केवल भ्रमण कार्यक्रम के रूप में नहीं देखा गया है। इसके माध्यम से विद्यार्थियों को शिक्षा से जुड़े विभिन्न अवसरों और संस्थानों के बारे में प्रत्यक्ष जानकारी देने की योजना है।
विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा, करियर के अवसर, नवाचार, वैज्ञानिक प्रगति और सार्वजनिक संस्थानों से परिचित कराने पर जोर दिया जाएगा।
वहीं शिक्षकों को बेहतर शिक्षण पद्धतियों, शैक्षिक तकनीक और विभिन्न संस्थागत मॉडलों को करीब से समझने का अवसर मिलेगा। इससे उनके व्यावसायिक विकास और शिक्षण क्षमता को मजबूत करने का लक्ष्य है।
योजना के तहत शैक्षणिक भ्रमण से लौटने के बाद विद्यार्थियों और शिक्षकों द्वारा अपने अनुभव दूसरे विद्यार्थियों और शिक्षकों के साथ साझा किए जाने का प्रस्ताव है।
इसका उद्देश्य यह है कि भ्रमण में शामिल लोगों से प्राप्त सीख और अनुभव को स्कूल के अन्य विद्यार्थियों एवं शिक्षकों तक भी पहुंचाया जा सके।
फिलहाल ‘उड़ान’ योजना को लेकर छात्रों या शिक्षकों के लिए कोई आवेदन प्रक्रिया या भ्रमण की तारीख आधिकारिक रूप से उपलब्ध नहीं बताई गई है। विभागीय स्तर पर मुख्यमंत्री की मंजूरी के बाद अब योजना प्राधिकृत समिति और कैबिनेट की स्वीकृति की प्रक्रिया बाकी है। इसलिए इसे अभी पूरी तरह लागू योजना मानना उचित नहीं होगा।
कैबिनेट से स्वीकृति मिलने और विभाग की ओर से दिशा-निर्देश जारी होने के बाद चयन, भ्रमण कार्यक्रम और अन्य प्रक्रियाओं से संबंधित जानकारी सामने आने की उम्मीद है।
25 अक्टूबर 2026: झारखंड की प्रस्तावित ‘उड़ान’ योजना को विभागीय मंत्री के रूप में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की मंजूरी मिल चुकी है। योजना के तहत हर साल 1,680 विद्यार्थियों और 2,244 शिक्षकों को शैक्षणिक भ्रमण कराने का लक्ष्य रखा गया है। पांच साल में 8,400 विद्यार्थी और 11,220 शिक्षक शामिल किए जाने का प्रस्ताव है। अब योजना प्राधिकृत समिति और कैबिनेट की मंजूरी के बाद आगे बढ़ेगी।