Published on May 13, 2026
झारखंड सरकार द्वारा मुख्यमंत्री पशुधन विकास योजना 2026 को ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार और आय बढ़ाने के उद्देश्य से तेजी से लागू किया जा रहा है। इस योजना के तहत पशुपालन को बढ़ावा देने के लिए सरकार किसानों और ग्रामीण परिवारों को भारी सब्सिडी प्रदान कर रही है।
योजना के माध्यम से गाय, भैंस, बकरी, भेड़ और पोल्ट्री पालन के लिए आर्थिक सहायता दी जा रही है, ताकि ग्रामीण परिवार स्वरोजगार से जुड़ सकें और अपनी आय बढ़ा सकें।
सरकार का लक्ष्य वर्ष 2026-27 तक लगभग 1.4 लाख से अधिक लाभार्थियों को योजना से जोड़ना है।
मुख्यमंत्री पशुधन विकास योजना झारखंड सरकार की एक महत्वपूर्ण योजना है, जिसके तहत ग्रामीण पशुपालकों और किसानों को पशुपालन व्यवसाय शुरू करने के लिए आर्थिक सहायता एवं सब्सिडी प्रदान की जाती है।
इस योजना का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के अवसर बढ़ाना, किसानों की आय में वृद्धि करना और पशुपालन को स्वरोजगार का मजबूत माध्यम बनाना है।
योजना के तहत 10 बकरियां और 1 बकरा यूनिट पर सरकार द्वारा 90% तक सब्सिडी दी जाती है।
डेयरी व्यवसाय को बढ़ावा देने के लिए गाय एवं भैंस पालन पर भी वित्तीय सहायता उपलब्ध कराई जाती है।
मुर्गी एवं बतख पालन के लिए भी योजना के अंतर्गत अनुदान उपलब्ध है, जिससे ग्रामीण परिवार अतिरिक्त आय अर्जित कर सकें।
पशुओं के रहने के लिए शेड निर्माण हेतु भी आर्थिक सहायता प्रदान की जाती है।
इस योजना के अंतर्गत लाभुकों को मुख्यमंत्री मंगला पशु बीमा योजना का लाभ भी दिया जाता है।
मुख्यमंत्री पशुधन विकास योजना का लाभ लेने के लिए आवेदक को निम्नलिखित पात्रता शर्तें पूरी करनी होंगी:
मुख्यमंत्री पशुधन विकास योजना के लिए आवेदन ऑनलाइन एवं ऑफलाइन दोनों माध्यमों से किया जा सकता है।
| विवरण | जानकारी |
|---|---|
| योजना का नाम | मुख्यमंत्री पशुधन विकास योजना |
| राज्य | झारखंड |
| लाभ | 90% तक सब्सिडी |
| लाभार्थी | किसान एवं पशुपालक |
| आवेदन माध्यम | ऑनलाइन एवं ऑफलाइन |
यह झारखंड सरकार की पशुपालन आधारित योजना है, जिसके तहत किसानों एवं पशुपालकों को सब्सिडी दी जाती है।
बकरी पालन यूनिट पर 90% तक सब्सिडी दी जाती है।
झारखंड के किसान, पशुपालक, विधवा एवं दिव्यांग व्यक्ति आवेदन कर सकते हैं।
हाँ, मुख्यमंत्री मंगला पशु बीमा योजना के तहत बीमा सुविधा उपलब्ध है।
पशु की मृत्यु होने पर ₹40,000 तक की सहायता दी जा सकती है।
आवेदन संबंधित विभाग की वेबसाइट या ब्लॉक पशुपालन कार्यालय में किया जा सकता है।
हाँ, पशु शेड निर्माण हेतु भी आर्थिक सहायता उपलब्ध है।
ग्रामीण आय बढ़ाना और पशुपालन के माध्यम से स्वरोजगार उपलब्ध कराना।
मुख्यमंत्री पशुधन विकास योजना 2026 झारखंड के किसानों और पशुपालकों के लिए एक महत्वपूर्ण योजना है। इस योजना के माध्यम से सरकार पशुपालन व्यवसाय को बढ़ावा देकर ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार और आय के नए अवसर पैदा कर रही है।
यदि आप पशुपालन व्यवसाय शुरू करना चाहते हैं, तो इस योजना के तहत मिलने वाली सब्सिडी और सहायता का लाभ जरूर उठाएं।