Published on Jun 07, 2026
झारखंड सरकार राज्य की बेटियों को शिक्षा और आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ाने के लिए कई महत्वपूर्ण योजनाएं चला रही है। इन्हीं में से एक प्रमुख योजना है:
यह योजना महिला, बाल विकास एवं सामाजिक सुरक्षा विभाग द्वारा संचालित की जा रही है। इसका मुख्य उद्देश्य बालिकाओं की शिक्षा को बढ़ावा देना, बाल विवाह रोकना और किशोरियों को आर्थिक रूप से मजबूत बनाना है।
इस योजना के तहत कक्षा 8वीं से 12वीं तक पढ़ने वाली छात्राओं को अलग-अलग चरणों में आर्थिक सहायता दी जाती है। इसके अलावा 18 वर्ष की आयु पूरी होने पर एकमुश्त अनुदान भी दिया जाता है।
Savitribai Phule Kishori Samriddhi Yojana Jharkhand सरकार की एक छात्रा कल्याण योजना है, जिसका उद्देश्य लड़कियों को शिक्षा जारी रखने के लिए प्रोत्साहित करना है।
यह योजना विशेष रूप से उन परिवारों की बेटियों के लिए बनाई गई है जिनकी आर्थिक स्थिति कमजोर है।
सरकार चाहती है कि:
इसी उद्देश्य से यह योजना पूरे झारखंड में लागू की गई है।
इस योजना के माध्यम से सरकार कई सामाजिक समस्याओं को कम करना चाहती है।
✔ लड़कियों की शिक्षा को बढ़ावा देना
✔ बाल विवाह प्रथा को कम करना
✔ स्कूल छोड़ने की दर घटाना
✔ महिलाओं को सशक्त बनाना
✔ किशोरियों के स्वास्थ्य और स्वच्छता को बेहतर करना
✔ बेटियों को आत्मनिर्भर बनाना
इस योजना में छात्राओं को अलग-अलग कक्षाओं में आर्थिक सहायता दी जाती है।
| कक्षा / आयु | सहायता राशि |
|---|---|
| कक्षा 8 | ₹2,500 |
| कक्षा 9 | ₹2,500 |
| कक्षा 10 | ₹5,000 |
| कक्षा 11 | ₹5,000 |
| कक्षा 12 | ₹5,000 |
| 18-19 वर्ष की आयु पर | ₹20,000 |
इस प्रकार छात्राओं को कुल मिलाकर ₹40,000 तक की सहायता मिल सकती है।
योजना की राशि सीधे लाभार्थी छात्रा के बैंक खाते में ट्रांसफर की जाती है।
इसलिए बैंक खाता और आधार लिंक होना जरूरी माना जाता है।
इस योजना का लाभ मुख्य रूप से झारखंड की पात्र छात्राओं को दिया जाता है।
✔ छात्रा झारखंड की निवासी होनी चाहिए
✔ सरकारी / सहायता प्राप्त विद्यालय में पढ़ाई कर रही हो
✔ परिवार की पहली दो बेटियों को प्राथमिकता
✔ माता-पिता आयकरदाता नहीं होने चाहिए
✔ परिवार में स्थायी सरकारी नौकरी नहीं होनी चाहिए
इस योजना के अंतर्गत:
की छात्राएं लाभ प्राप्त कर सकती हैं।
सरकार का उद्देश्य लड़कियों को पढ़ाई जारी रखने और बाल विवाह से बचाने के लिए आर्थिक सहायता देना है।
यदि छात्रा 18 वर्ष की आयु तक शिक्षा जारी रखती है, तो उसे एकमुश्त ₹20,000 सहायता दी जाती है।
फिलहाल योजना की आवेदन प्रक्रिया मुख्य रूप से ऑफलाइन माध्यम से पूरी की जाती है।
✔ नजदीकी आंगनवाड़ी केंद्र जाएं
✔ स्कूल या प्रखंड कार्यालय से संपर्क करें
✔ आवेदन फॉर्म प्राप्त करें
✔ जरूरी दस्तावेज संलग्न करें
✔ आवेदन जमा करें
योजना के लिए सामान्यतः ये दस्तावेज मांगे जाते हैं:
यह योजना सिर्फ आर्थिक सहायता नहीं बल्कि सामाजिक बदलाव की दिशा में भी महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।
✔ लड़कियों की पढ़ाई जारी रहेगी
✔ बाल विवाह में कमी आएगी
✔ गरीब परिवारों को आर्थिक मदद मिलेगी
✔ किशोरियों का आत्मविश्वास बढ़ेगा
✔ शिक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ेगी
राज्य सरकार शिक्षा और छात्र कल्याण को मजबूत करने के लिए लगातार नई योजनाएं ला रही है।
इसी तरह ग्रामीण और छात्र हित से जुड़ी अन्य योजनाएं भी चलाई जा रही हैं।
जैसे:
यह झारखंड सरकार की छात्रा कल्याण योजना है, जिसके तहत लड़कियों को शिक्षा के लिए आर्थिक सहायता दी जाती है।
कुल ₹40,000 तक की आर्थिक सहायता विभिन्न चरणों में दी जाती है।
झारखंड की पात्र छात्राओं को जो सरकारी या सहायता प्राप्त स्कूलों में पढ़ाई कर रही हैं।
हाँ, राशि DBT के माध्यम से सीधे बैंक खाते में ट्रांसफर की जाती है।
आवेदन आंगनवाड़ी केंद्र, स्कूल या प्रखंड कार्यालय के माध्यम से किया जा सकता है।
हाँ, सामान्यतः परिवार की पहली दो बेटियों को प्राथमिकता दी जाती है।
सावित्रीबाई फुले किशोरी समृद्धि योजना 2026 झारखंड सरकार की एक महत्वपूर्ण छात्रा कल्याण योजना है, जिसका उद्देश्य बेटियों की शिक्षा को मजबूत करना और बाल विवाह जैसी सामाजिक समस्याओं को कम करना है।
इस योजना के माध्यम से छात्राओं को आर्थिक सहायता देकर उन्हें आत्मनिर्भर और शिक्षित बनाने का प्रयास किया जा रहा है।
यदि आप झारखंड की पात्र छात्रा हैं, तो इस योजना का लाभ जरूर उठाएं।