Published on Jun 23, 2026
ग्रामीण भारत में रोजगार और विकास को नई दिशा देने के लिए केंद्र सरकार 1 जुलाई 2026 से विकसित भारत गारंटी फॉर रोजगार एवं आजीविका मिशन (VB-G-RAMG) लागू करने जा रही है। यह योजना वर्तमान में चल रही महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) का स्थान लेगी।
नई योजना का उद्देश्य केवल ग्रामीण परिवारों को रोजगार उपलब्ध कराना ही नहीं, बल्कि ऐसे स्थायी विकास कार्यों को बढ़ावा देना है जो जल संरक्षण, कृषि उत्पादकता, ग्रामीण आधारभूत संरचना और आजीविका के अवसरों को मजबूत बना सकें।
VB-G-RAMG (Viksit Bharat Guarantee for Rozgar and Aajeevika Mission) केंद्र सरकार की नई ग्रामीण रोजगार योजना है, जिसे विकसित भारत 2047 के विजन को ध्यान में रखते हुए तैयार किया गया है।
इस योजना के तहत ग्रामीण परिवारों को रोजगार उपलब्ध कराने के साथ-साथ गांवों में स्थायी परिसंपत्तियों का निर्माण भी किया जाएगा।
नई योजना की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि अब पात्र ग्रामीण परिवारों को एक वित्तीय वर्ष में 125 दिनों तक रोजगार की कानूनी गारंटी मिलेगी।
वर्तमान मनरेगा योजना में 100 दिनों के रोजगार का प्रावधान है, जबकि नई योजना के लागू होने के बाद ग्रामीण परिवारों को अतिरिक्त 25 दिनों का रोजगार मिलेगा।
इससे ग्रामीण परिवारों की आय में वृद्धि होने के साथ आर्थिक सुरक्षा भी मजबूत होगी।
VB-G-RAMG योजना के अंतर्गत निम्नलिखित चार क्षेत्रों को प्राथमिकता दी जाएगी:
तालाब निर्माण
पुराने तालाबों का जीर्णोद्धार
चेक डैम निर्माण
वर्षा जल संचयन
ग्रामीण सड़कें
नालियां
सामुदायिक परिसंपत्तियां
सार्वजनिक सुविधाएं
किसानों के लिए आधारभूत सुविधाएं
स्वयं सहायता समूहों को सहयोग
पशुपालन आधारित परियोजनाएं
ग्रामीण उद्यमिता को बढ़ावा
पर्यावरण संरक्षण कार्य
प्राकृतिक संसाधन प्रबंधन
जलवायु परिवर्तन से निपटने वाली परियोजनाएं
नई योजना में पारंपरिक तरीके से कार्य चयन नहीं होगा।
प्रत्येक पंचायत की स्थानीय जरूरतों, उपलब्ध संसाधनों और भौगोलिक परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए कार्यों का चयन किया जाएगा।
कृषि, ग्रामीण विकास, पशुपालन एवं जल संसाधन विभाग मिलकर समेकित विकास मॉडल तैयार करेंगे।
सरकार ने किसानों की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए एक महत्वपूर्ण प्रावधान जोड़ा है।
राज्य सरकारें बुवाई और कटाई के मौसम के दौरान अधिकतम 60 दिनों की अवधि अधिसूचित कर सकेंगी, जिसमें योजना के तहत कार्य नहीं कराए जाएंगे।
इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि कृषि कार्यों के लिए पर्याप्त श्रमिक उपलब्ध रहें और खेती प्रभावित न हो।
नई योजना को पूरी तरह डिजिटल और पारदर्शी बनाया जाएगा।
इसके तहत:
बायोमेट्रिक उपस्थिति प्रणाली
डिजिटल जॉब कार्ड
ऑनलाइन रिपोर्टिंग
जीआईएस आधारित योजना निर्माण
डिजिटल मॉनिटरिंग सिस्टम
रियल टाइम प्रगति ट्रैकिंग
जैसी आधुनिक तकनीकों का उपयोग किया जाएगा।
सरकार का मानना है कि इससे भ्रष्टाचार, फर्जी उपस्थिति और अनियमितताओं पर नियंत्रण लगाया जा सकेगा।
योजना में सामाजिक अंकेक्षण (Social Audit) को और मजबूत किया गया है।
यदि कोई पात्र व्यक्ति रोजगार की मांग करता है और उसे 15 दिनों के भीतर काम उपलब्ध नहीं कराया जाता है, तो उसे कानून के अनुसार बेरोजगारी भत्ता दिया जाएगा।
यह प्रावधान ग्रामीण श्रमिकों के अधिकारों को और मजबूत करेगा।
विशेषज्ञों के अनुसार VB-G-RAMG योजना के लागू होने से:
ग्रामीण रोजगार बढ़ेगा
किसानों को बेहतर सुविधाएं मिलेंगी
जल संरक्षण मजबूत होगा
ग्रामीण आधारभूत ढांचा विकसित होगा
स्वयं सहायता समूहों को लाभ मिलेगा
ग्रामीण उद्यमिता को बढ़ावा मिलेगा
✅ 125 दिनों का रोजगार
✅ मनरेगा का स्थान लेगी नई योजना
✅ जल संरक्षण पर विशेष फोकस
✅ ग्रामीण आधारभूत संरचना का विकास
✅ तकनीक आधारित निगरानी
✅ बायोमेट्रिक उपस्थिति व्यवस्था
✅ रोजगार नहीं मिलने पर बेरोजगारी भत्ता
✅ पंचायत आधारित विकास योजना
VB-G-RAMG योजना ग्रामीण भारत के लिए एक बड़ा बदलाव साबित हो सकती है। 125 दिनों के रोजगार की गारंटी, तकनीक आधारित निगरानी और जल संरक्षण व ग्रामीण विकास पर विशेष फोकस इसे मनरेगा से अधिक प्रभावी बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। यदि योजना निर्धारित समय पर लागू होती है, तो इसका लाभ देश के करोड़ों ग्रामीण परिवारों को मिल सकता है।